आगामी महा ध्यान शिविर: 23–25 अक्टूबर 2026, श्री गेमर बाग, उदयपुर (राजस्थान)
Mantraksh Logo
MANTRAKSH अपनी आत्मा को स्वस्थ बनाएं
वैदिक ध्वनि, चक्र संतुलन एवं महामंत्रों की दिव्यता

मंत्राक्ष एक साधना है, स्वयं तक जाने की।

मंत्राक्ष के द्वारा हमारे चक्र संतुलित होते हैं, औरा का शुद्धिकरण होता है और मानसिक तनाव, चिंता तथा नकारात्मकता स्वतः समाप्त हो जाती है। आइए, भारतीय ऋषि परंपरा और पूज्य गुरुदेव के मार्गदर्शन से आत्म-जागरण का अनुभव करें।

50,000+
लाभान्वित साधक
23-25 Oct
उदयपुर महाशिविर 2026
7
चक्र जागरण विधा
100%
निःशुल्क प्रवेश
मंत्र • मुद्रा • ध्यान • आत्म-जागरण
Mantraksh Heal Your Soul

MANTRAKSH

HEAL YOUR SOUL

शिविर पंजीयन करें →
मंत्राक्ष क्या है?

वैदिक विज्ञान एवं आत्मिक रूपांतरण की अनुपम पद्धति

मंत्राक्ष आत्मा को परमात्मा से जोड़ने और मन को विकारों से मुक्त करने की आध्यात्मिक धारा है। इसमें विशिष्ट ध्वनि तरंगों, बीज मंत्रों और मुद्राओं के द्वारा शरीर के सप्त चक्रों को जागृत किया जाता है।

एकाग्रता एवं स्मरण शक्ति

मस्तिष्क की तरंगों को संतुलित कर भटकाव रोकती है, जिससे छात्रों और कामकाजी युवाओं की स्मरण व निर्णय शक्ति बढ़ती है।

औरा शुद्धि एवं संरक्षण

व्यक्ति के चारों ओर स्थित आभामंडल (Aura) को नकारात्मक दृष्टि, भय व ईर्ष्या से मुक्त कर एक अभेद्य सकारात्मक सुरक्षा चक्र प्रदान करता है।

तनाव एवं अवसाद मुक्ति

अनिद्रा, रक्तचाप, अत्यधिक चिंतन व अवसाद से पीड़ित साधकों को गहरी शांति एवं सहज निद्रा का वरदान प्राप्त होता है।

संकल्प शक्ति एवं दृढ़ता

नाभि चक्र की ऊर्जा को सक्रिय कर आलस्य व संशय को दूर करता है, जिससे जीवन के लक्ष्यों को पूरा करने का दृढ़ संकल्प पैदा होता है।

पारिवारिक समरसता एवं प्रेम

हृदय चक्र को कोमल बनाकर परिवार में आपसी कटुता को समाप्त करता है और प्रेम, क्षमा व सम्मान का वातावरण बनाता है।

कोशिकीय स्वास्थ्य एवं नवजीवन

ध्वनि की सूक्ष्म तरंगें शरीर की प्रत्येक कोशिका को स्पंदित कर जीवन ऊर्जा का नवसंचार करती हैं।

पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज
परम पावन सान्निध्य
तपस्वी एवं प्रणेता पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज

पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज

दिव्य प्रेरणा स्रोत एवं मार्गदर्शक, मंत्राक्ष

प्रेरणा स्रोत

पूज्य गुरुदेव के पावन सान्निध्य में आत्म-जागरण की अविरल धारा

मंत्राक्ष की पावन प्रेरणा पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज के सान्निध्य और गहन साधना का प्रतिफल है। गुरुदेव का स्पष्ट संदेश है कि यदि समाज को तनाव, व्याधि और कलह से मुक्त करना है, तो हमें प्राचीन मंत्र-विज्ञान और आंतरिक ऊर्जा केंद्रों (सप्तचक्रों) का संबल लेना होगा।

पूज्य गुरुदेव के सानिध्य में आयोजित ध्यान शिविरों से अब तक देश भर में हजारों साधक मानसिक तनाव, अनिद्रा और भटकाव से मुक्त होकर एक शांतिपूर्ण और आनंदमयी जीवन की ओर अग्रसर हुए हैं।

“जब आपकी श्वास, मुद्रा और अंतरंग ध्वनि ब्रह्मांडीय नाद से जुड़ जाती है, तब शांति के लिए प्रयास नहीं करना पड़ता—शांति आपका स्वभाव बन जाती है।”
ऊर्जा केंद्र संरेखण

सप्तचक्र जागरण एवं संतुलन विधा

नीचे दिए गए किसी भी चक्र पर क्लिक करें और जानें उसकी शक्ति, बीज मंत्र और मंत्राक्ष द्वारा उसे संतुलित करने का विज्ञान:

लं (LAM) 396 Hz
पृथ्वी तत्व (Earth Element)

मूलाधार चक्र (Root Chakra)

रीढ़ का आधार

मूलाधार चक्र हमारे अस्तित्व, स्थिरता, सुरक्षा और भयमुक्ति का केंद्र है। जब यह चक्र असंतुलित होता है, तो व्यक्ति में असुरक्षा, बेचैनी और आर्थिक चिंताएं हावी रहती हैं। मंत्राक्ष साधना से इसमें पृथ्वी तत्व की स्थिरता स्थापित होती है।

प्रमुख लाभ: भयमुक्ति, आत्मविश्वास एवं स्थिरता
मंत्राक्ष अभ्यास: पृथ्वी मुद्रा + मूल ध्यान नाद
आधिकारिक शिविर कार्यक्रम व स्थल

मंत्राक्ष महा ध्यान शिविर 2026 — उदयपुर

पंजीकरण अभी खुला है — निःशुल्क प्रवेश!

श्री गेमर बाग, उदयपुर में भव्य मंत्राक्ष ध्यान शिविर

स्थान (Place):
Shree Gamer Bagh, Udaipur (Rajasthan)
🗺️ View on Google Maps →
दिनांक (Dates):
23–25 October 2026
3-दिवसीय महा साधना एवं आत्म-जागरण
⚠️ शिविर के मुख्य नियम व निर्देश:

• मस्तिष्क का जागरण एवं आंतरिक ऊर्जा: ध्यान के द्वारा मानसिक एकाग्रता और आंतरिक शांति प्राप्त करें।

• श्वेत वस्त्र अनिवार्य (White Attire Mandatory): साधना की पवित्रता और अधिकतम ऊर्जा ग्रहण हेतु श्वेत वस्त्र पहनें।

• आयु सीमा (9+ Years): 9 वर्ष और अधिक आयु के सभी साधकों के लिए पूर्णतः उपयुक्त।

निःशुल्क शिविर पंजीयन

अपना प्रवेश पास सुरक्षित करें

आधिकारिक मंत्राक्ष पोर्टल पर सीधे पंजीयन करें और शिविर प्रवेश हेतु अपनी मान्य REG ID प्राप्त करें।

आधिकारिक सहायता एवं पूछताछ संपर्क

शिविर, स्टॉल एवं प्रायोजन हेतु संपर्क सूत्र

मुख्य फोन नंबर:

मुख्य हेल्पलाइन (Main Helpline) 98876 88618 +91 98876 88618
स्टॉल व सहयोग (Stall & Seva) 62699 89898 +91 62699 89898
प्रायोजक व साधक सहायता 86029 00110 +91 86029 00110
साधकों के अनुभव

मंत्राक्ष से जीवन में आया सकारात्मक परिवर्तन

★★★★★

“मैं पिछले 4 वर्षों से अनिद्रा और अत्यधिक तनाव से परेशान था। शिविर में जब मैंने मंत्राक्ष ध्यान का अनुभव किया, तो सिर का भारीपन बिल्कुल समाप्त हो गया। अब मैं शांत नींद सोता हूँ।”

VS
विकास शर्मा (Vikas Sharma)
कोटा, राजस्थान
★★★★★

“प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान अत्यधिक तनाव व असफलता का डर मुझे सताता था। मुनि श्री के मार्गदर्शन में मंत्राक्ष की आज्ञा चक्र मुद्रा सीखी। इससे मेरी स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व सुधार हुआ।”

AJ
अंकित जैन (Ankit Jain)
जयपुर, राजस्थान
★★★★★

“मंत्राक्ष की सबसे बड़ी देन मेरे परिवार में आई शांति है। पति-पत्नी के रूप में हम दोनों ने शिविर में भाग लिया। हृदय चक्र की साधना के बाद घर में कलह की जगह प्रेम और समझ ने ले ली है।”

RJ
रोहित एवं सुनीता जैन
इंदौर, मध्य प्रदेश
निःशुल्क शिविर पंजीयन

आगामी शिविर हेतु अपना स्थान सुरक्षित करें

श्री गेमर बाग, उदयपुर में 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले महा ध्यान शिविर में भाग लेने हेतु अपना निःशुल्क पंजीयन कराएं।